भारत सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई-नई योजनाएं लेकर आ रही है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
2025 में, सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा की है जो महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकती हैं। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में पैसे भेजे जाएंगे। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा बल्कि वे अपने परिवार की बेहतर देखभाल भी कर पाएंगी।
देश में महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी उत्थान के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। हालांकि, देश की बहुत सी महिलाएं इन सरकारी योजनाओं की जानकारी से अनभिज्ञ होती हैं।
इसलिए, इस लेख में हम आपको 2025 में महिलाओं के लिए शुरू की गई 11 नई सरकारी योजनाओं की जानकारी देने जा रहे हैं, जिनका लाभ हर महिला उठा सकती है।
महिलाओं के लिए नई सरकारी योजनाएं 2025
योजना का नाम | लाभ |
मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना | हर महीने 2100 रुपये |
महिला सशक्तिकरण योजना | 5000 रुपये प्रति माह |
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 2.0 | लड़कियों की शिक्षा के लिए 50,000 रुपये तक |
महिला उद्यमी प्रोत्साहन योजना | 10 लाख रुपये तक का लोन |
ग्रामीण महिला रोजगार गारंटी योजना | 100 दिन का गारंटीड रोजगार |
महिला उद्यमिता योजना | पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन प्रदान किया जाएगा |
मातृत्व सहायता योजना | पहली बार मां बनने पर ₹5,000 और दूसरी बार बेटी के जन्म पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता |
पोषण 2.0 योजना | गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषाहार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना |
महिला सम्मान बचत योजना | महिलाओं को उच्च ब्याज दर पर निवेश का सुरक्षित विकल्प प्रदान करना |
लखपति दीदी योजना | ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार में मदद और आर्थिक सशक्तिकरण |
पीएम विश्वकर्मा योजना | सिलाई एवं कढ़ाई से जुड़ी ट्रेनिंग |
1. मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना
यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे।इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- राज्य की स्थायी निवासी होना आवश्यक है।
2. महिला सशक्तिकरण योजना
इस नई योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना की मुख्य विशेषताएं हैं:
- 18 से 45 वर्ष की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।
- परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य या कौशल विकास के लिए किया जा सकता है।
यह योजना महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने और अपने परिवार की बेहतर देखभाल करने में मदद करेगी।
3. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 2.0
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके तहत लड़कियों को शिक्षा के लिए 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी यह योजना लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
4. महिला उद्यमी प्रोत्साहन योजना
यह योजना महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत महिलाओं को 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। यह योजना महिलाओं को उद्यमी बनने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी।
5. ग्रामीण महिला रोजगार गारंटी योजना
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत महिलाओं को 100 दिन का गारंटीड रोजगार दिया जाएगा। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने में मदद करेगी।
6. महिला उद्यमिता योजना (Women Entrepreneurship Scheme)
यह योजना उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो पहली बार अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। इस योजना का उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- लाभ:
- ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन।
- SC/ST वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता।
- ऑनलाइन प्रशिक्षण और मैनेजमेंट स्किल्स का विकास।
- पात्रता:
- आवेदक महिला की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए।
- केवल पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।
7. मातृत्व सहायता योजना
इस योजना के तहत, पहली बार मां बनने पर ₹5,000 और दूसरी बार बेटी के जन्म पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगी।
8. पोषण 2.0 योजना
यह योजना गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषाहार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए है। इस योजना का उद्देश्य कुपोषण को दूर करना और बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।
पोषण योजना के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और किशोरियों के लिए योजना शामिल हैं।
9. महिला सम्मान बचत योजना
यह योजना महिलाओं को उच्च ब्याज दर पर निवेश का सुरक्षित विकल्प प्रदान करने के लिए है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य बनाने में मदद करेगी।
10. लखपति दीदी योजना
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार में मदद और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
11. पीएम विश्वकर्मा योजना
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत महिलाओं को सिलाई एवं कढ़ाई से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे वे अपने घर से ही कार्य करके अच्छी आय अर्जित कर सकें।
- योजना के लाभ:
- फ्री ट्रेनिंग: सिलाई-कढ़ाई की विशेषज्ञ ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।
- वित्तीय सहायता: प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को सिलाई मशीन खरीदने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
- दैनिक भत्ता: प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन ₹500 तक की सहायता राशि दी जाती है।
- लोन सुविधा: इच्छुक महिलाएं इस योजना के तहत ₹1 से ₹2 लाख तक का लोन कम ब्याज दर पर प्राप्त कर सकती हैं, जिससे वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
बजट 2025 में महिलाओं के लिए आवंटन
वित्त वर्ष 2025 के बजट में महिलाओं के लिए सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित किया था। इस बार इसमें और भी इजाफा होने की उम्मीद है।साथ ही भरोसा है कि रोजगार से जुड़े इंसेटिव्स में महिलाओं की भागेदारी में इजाफा होगा। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए एक अलग से पॉलिसी भी बनाई जा सकती है।
महिलाएं भी देश की इकोनॉमी का अहम हिस्सा हैं। अब वो सिर्फ किचन और घर तक सिमटकर नहीं रह गई हैं। कई कंपनियों के बड़े पदों पर हैं। अपना खुद का बिजनेस कर रही हैं। फिर चाहे वो छोटा हो या बड़ा। महिलाओं का बड़ा तबका ऐसा है, जो नौकरीपेशा है।
साथ ही करोड़ों महिलाएं नौकरी की तलाश में है। ऐसे में महिला संगठनों और सिविल सोसाइटीज के दूसरे मेंबर्स का मानना है कि रोजगार से जुड़े इंवेंटिव्स में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़नी चाहिए। फ्लेक्सिबल वर्क ऑवर्स और वर्क साइट पर क्रेच सहित सपोर्टिव इंफ्रा देकर महिला वर्कफोर्स को सहूलियत दी जा सकती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। योजनाओं की वास्तविकता और क्रियान्वयन सरकार की नीतियों और समय-समय पर होने वाले परिवर्तनों पर निर्भर करता है. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित सरकारी वेबसाइटों और आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें.