कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) एक सरकारी योजना है जो संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पेंशन देती है। इस योजना के तहत, नियोक्ता (कंपनी) कर्मचारी के वेतन का 8.33% ईपीएस में जमा करते हैं। कर्मचारी को 58 साल की उम्र में पेंशन मिलना शुरू हो जाती है।
पिछले कुछ समय से, ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के बारे में बातें चल रही हैं। पेंशन पाने वाले लोग और ट्रेड यूनियन चाहते हैं कि सरकार पेंशन की राशि बढ़ाए, ताकि वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें।
ईपीएस-95 योजना
पहलू (Pahlu) | विवरण (Vivaran) |
प्रस्तावित पेंशन वृद्धि (Prostavit Pension Vriddhi) | ईपीएस के तहत कम से कम पेंशन ₹1,000 से बढ़कर ₹7,500 हो सकती है। |
अतिरिक्त मांगें (Atirikt Maange) | पेंशनर्स DA में वृद्धि और अपने और अपने जीवनसाथी के लिए मुफ्त चिकित्सा देखभाल चाहते हैं। |
पेंशनर्स की आलोचना (Pensioners Ki Alochna) | ट्रेड यूनियनों द्वारा प्रस्तावित ₹5,000 की राशि को पेंशनर्स ने अपर्याप्त माना है। |
वर्तमान पेंशन मुद्दे (Vartaman Pension Mudde) | 2014 के निर्देश के बावजूद 36.60 लाख से अधिक पेंशनर्स को ₹1,000 से कम मिलते हैं। |
वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया (Vitt Mantri Ki Pratikriya) | सीतारमण ने पेंशनर्स की मांगों की समीक्षा करने का आश्वासन दिया। |
उच्च पेंशन विकल्प (Ucch Pension Vikalp) | कर्मचारी अपने वास्तविक मूल वेतन के आधार पर योगदान करने का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे उनकी पेंशन के लाभ बढ़ेंगे। |
नियोक्ता का योगदान (Niyokta Ka Yogdaan) | नियोक्ता की ओर से वेतन का 8.33% |
केंद्र सरकार का योगदान (Kendra Sarkar Ka Yogdaan) | केंद्र सरकार की ओर से वेतन का 1.16% (₹15,000/माह तक सीमित) |
पेंशन बढ़ाने पर चर्चा
खबरों के अनुसार, सरकार ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ा सकती है। 10 जनवरी, 2025 को ईपीएस-95 पेंशनर्स के एक समूह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की।
उन्होंने कम से कम ₹7,500 प्रति माह पेंशन, महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनर्स और उनके जीवनसाथी के लिए मुफ्त चिकित्सा देखभाल की मांग की। सीतारमण ने पेंशनर्स को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।
ट्रेड यूनियनों ने भी पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन उन्होंने ₹5,000 प्रति माह की कम राशि का प्रस्ताव दिया है। ईपीएस-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी ने इस राशि को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि पेंशनर्स को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा पेंशन मिलनी चाहिए।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2014 में सरकार ने न्यूनतम पेंशन ₹1,000 तय की थी, लेकिन अभी भी 36.6 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को इससे कम पेंशन मिल रही है।
उच्च पेंशन लाभ
हाल ही में, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) उच्च पेंशन लाभ के लिए आवेदन स्वीकार कर रहा है। यह सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर, 2022 के फैसले के बाद हो रहा है।
28 जनवरी, 2025 तक, ईपीएफओ ने 1,65,621 मामलों में डिमांड नोटिस जारी किए थे और 21,885 पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी किए थे। ईपीएस-95 के तहत उच्च पेंशन लाभ पाने के लिए ईपीएफओ सदस्यों द्वारा कुल 17.48 लाख आवेदन जमा किए गए थे।
ईपीएफओ ने उच्च पेंशन लाभ के लिए आवेदन करने के लिए एक ऑनलाइन सुविधा शुरू की है।
नए ईपीएस नियम
खबर है कि 1 जनवरी, 2025 से ईपीएस पेंशनर्स भारत में किसी भी बैंक शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
दावा: इस लेख में दी गई जानकारी 7 फरवरी, 2025 तक उपलब्ध खबरों पर आधारित है। ₹7,500 की पेंशन को मंजूरी मिलने की कोई पुष्टि नहीं है। अंतिम फैसला सरकार का होगा, और वास्तविक वृद्धि, यदि कोई हो, तो भिन्न हो सकती है। लोकसभा में विधेयक पारित होने की जानकारी उपलब्ध समाचारों से सत्यापित नहीं है। फिलहाल, यह कहना मुश्किल है कि यह खबर सच है या गलत। आपको सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।